आप नहीं होते तो हम खो गए होते… अपनी ज़िन्दगी से रुसवा हो गए होते… ये तो आपको “गुड मोर्निंग” कहने के लिए उठें हैं … वर्ना हम तो अभी तक सो रहे होते …. “शुभ दिन”
सुबह शाम तेरी चाहत करूँ , तुझसे ना कभी कोई शिकायत करूँ, तेरे हसीं लबों पे यूं ही मुस्कान बरक़रार रहे सदा, मुझमे समाये रहो मेरी धड़कन बनकर, चाहकर भी तुझको खुद से जुदा ना करूँ ॥ “सुप्रभात”
ढल रही हैं शबनमी रात हलके हलके ऐसे मैं ना जाओ सनम , वाला करोए कल के बिस्तर की सलवटों से मालूम कर लो की कैसी काटी हैं हमने रात करवट बदल बदल के “शुभ दिन”